## **मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
उम्र भले ही साठ की दहलीज़ पार कर गई,
पर तेरी फिक्र आज भी वैसी ही जवान है,
जैसे मैं आज भी वही छोटा सा बच्चा हूँ,
जिसे दुनिया की धूप से बचाना तेरा ईमान है।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
मेरी हर पसंद, हर छोटी नापसंद,
तेरी यादों के पन्नों पर आज भी दर्ज है,
और तेरे हाथों के स्वाद से महकता ये घर,
जैसे कोई सुकून भरा स्वर्ग है।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
जब आधी रात को काम की थकान घेरती है,
तू चुपचाप पानी और कॉफी की महक छोड़ जाती है,
बिना एक शब्द कहे, अपनी खामोश दुआओं से,
तू मेरे संघर्षों में अपनी ममता घोल जाती है।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
जब कभी ये मन परेशानियों के भँवर में फँसता है,
तू अटूट धैर्य बनकर मुझे थाम लेती है,
अपने अनुभव की उंगली पकड़कर मम्मा,
तू हर हारते हुए हौसले को नया नाम देती है।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
पापा के जाने के बाद जो अंधेरा घर में उतरा था,
तूने खुद को मशाल बना, उसे साहस से भर दिया,
सिर्फ एक माँ ही नहीं, तूने इस पूरे परिवार का,
अटल आधार बनकर अपना जीवन जी लिया।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
आज अगर मुस्कुरा रहा हूँ, तो सिर्फ तेरे दम पर,
वरना ये वक्त मुझे कब का तोड़ चुका होता,
इस दुनिया की बेरहम और सर्द हवाओं में,
मैं पतझड़ का कोई सूखा पत्ता होकर बिखर चुका होता।
**मेरी माँ… प्यारी माँ… मम्मा ❤️**
सच कहूँ मम्मा…
तू सिर्फ मेरी माँ नहीं, मेरी रूह की ताकत है,
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी सबसे खूबसूरत वजह है। ❤️ विकास माहेश्वरी